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कटिहार मै फूल की खेती कर किसान बढ़ा रहे है अपनी आमदनी

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कटिहार/नीरज झा :-----कटिहार मे परंपरागत खेती छोड़ कर अब किसान खेती का ट्रेन्ड बदल रहे है धान, मक्का, गेहूं की खेती छोड़ किसान नगदी फसल के रूप में गेंदा फूल की खेती कर लाखों की कमाई कर रहे हैं और अपना जीवन स्तर ऊपर उठा रहे है ।



 कटिहार के रौतारा थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव में किसानो के खेतों मे गेंदा फूल लहलहा रहे और पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बन हुवा है । फूलों की खेती करने वाले गोविंदपुर गांव के किसान सुशील चौहान की तरह कई किसान ने अपनी तकदीर फूलों की खेती कर बदल लिया है ।  



गेंदा फूल की खेती से किसान को काफी मुनाफा  हो रहा है जबकि परंपरागत फसल धान, गेहूं और मक्का में मुनाफा नहीं होने के कारण यहाँ लोग गेंदा फूल की खेती के तरफ बढ़ रहे है 
किसान सुशील चौहान ने कहा कि कलकत्ता में गेंदा फूल की खेती करने वाले अपने एक करीबी भाई के कहने पर कटिहार मे फूल की खेती के तरफ रुख किया और आज इनकी आमदनी को लेकर पूरे इलाके में चर्चा ही रही है सुशील चौहान आगे बताया कि  फूल की खेती से ज्यादा मुनाफा हो रहा इस लिए तीन साल से फूल की खेती कर रहे है माँग और मुनाफा अधिक होने के कारण ढाई बीघा में गुलाब की खेती और रजनीगंधा फूल की भी  खेती अब कर रहे है ।
फूल की खेती करने वाले लक्ष्मी चौहान ने कहा 5 साल पहले फूल की दुकान में काम करते थे दुकान में रहते रहते हैं उन्होंने सोचा फूल की खेती किया जाए और कोलकाता से ₹300 प्रति हजार फूलों का पौधा लाकर खेतों में लगा दिया। फूल की खेती में किसी भी सरकारी मदद की जरूरत नहीं पड़ी और ना हीं सरकार ने किसी तरह की मदद की है। प्रति बीघा फूल की खेती में लगभग ₹50000 की लागत आती है वही मुनाफा लाखों में है। खेतों में फूल का पौधा लगने के 2 महीने बाद से पौधे में फूल आने लगते हैं जिसे लगभग 10 से ज्यादा बार तोड सकते हैं। किसान बताते हैं गर्मी के मौसम में थोड़ा बहुत पानी की जरूरत होती है लेकिन ठंड के मौसम में गेंदा फूल में पानी की जरूरत नहीं होता। 



कटिहार मे गेंदा फूल की खेती होने पर जिला कृषि पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद ने कहा फूलों की खेती कोड़ा प्रखंड के गोविंदपुर गाँव में लक्ष्मी चौहान और  सुशील चौहान द्वारा गेंदा फूल की खेती करने की जानकारी आई है उनको  भीजिट करके उद्यान विभाग के द्वारा  फूल की खेती मे 16 हजार प्रति हेक्टेयर का अनुदान देने का प्रावधान आया है इनको प्रोत्साहित करेंगे तथा ही अन्य किसानों को भी प्रोत्साहित करने का प्रयास करेंगे।
 फूल का उपयोग पूजा पाठ के साथ साथ शादी ब्याह मे सजाने मे फूलों की जरूरत होती है। पूजा-पाठ और शादी-ब्याह के लग्न के वक्त फूलों की डिमांड बढ़ जाती है ऐसेV वक्त में फूल की खेती करने वाले किसान का पूरा परिवार दिन रात मेहनत कर अपने ग्राहकों को फुल पहुंचाते हैं।

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