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कटिहार मे बाढ़ से फसल की हुई तवाही किसान दाने दाने को मोहताज ।

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कटिहार/नीरज झा ---कटिहार के कई प्रखंडो मे प्रलय कारी बाढ़ का पानी धीरे धीरे उतारने लगा है और तवाही का मंजर अब धीरे धीरे दिखने भी लगा है । कटिहार जिले मे अमदावाद मनिहारी बरारी कुर्सेला के अलावे फलका प्रखंड के दर्जनों पंचायतों में बाढ़ की वजह से किसानों की करोड़ों रुपये की खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी है धान की खेती करने वाले किसान अब्दुल रहमान ने खुल कर कहा खेतों मे लगी फसल अंकुरित को कर पौधे निकल आये है जो अब इंसानो के खाने लायक तो  नही रहा है और जो मवेशी बाढ़ की त्रासदी से बच गई वो मवेशी भी अब चारे के रूप में भी वो नही खा रहे है । बाढ़ से फसल बर्वादी का नुकसान का सही मुआवजा का न मिलना भी किसानों के लिए सबसे बड़ी त्रासदी बन रही है। 
  भारत एक कृषि प्रधान देश है बिहार के सीमांचल के साथ साथ कटिहार के क्षेत्रों में धान और मक्के की फसल की खेती अन्य के मुकाबले अधिक होती है । यहाँ सैकड़ो हेक्टेयर जमीन पर धान की खेती की गई थी जिसका आकलन का कार्य  अबतक आरम्भ नही किया गया है । किसान महमुब दुलतान कहते है इस साल पूरी फसल ही बाढ़ में बर्वाद होगया है  किसानों को प्रति हेक्टेयर चालीस हजार रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है अभी तो राहत सामग्री मिली है जिससे हमारा पेट भर रहा है लेकिन आगे क्या होगा ऊपर वाला  ही जाने। 

क्या कहते है जिला कृषि पदाधिकारी 

कटिहार जिला कृषि पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद ने बताया कि कटिहार मे गँगा नदी मे आई बाढ़ से किसानों की  फसल क्षति हुई है क्षेत्र भ्रमण के दौरान हमने भी यह देखा गया है  अपने माध्यम से किसान सलाहकार से हमारे कोडिनेटर के माध्यम से सर्वेक्षण  करा रहे हैं  और लगभग  सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो गया है जो भी परिवेदना है एक दो दिनों के अंदर भेज देंगे सरकार का जो निर्णय होगा क्षति के मामले में हम लोग इसपर काम करेंगे । 
कटिहार में आई प्रलय कारी बाढ़ ने देश का भगवान कहे जाने वाले किसान की जमा पूंजी बाढ़ ने बहा ले गया अब सरकार मुआवजे की राशि जल्द से जल्द देकर इनके दर्द को कम करने मे अपना सहयोग करे ।

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