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कटिहार जिले मे तीन साल के मासूम बच्ची मे इंसेफ्लाइटिस के लक्षण

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कटिहार/नीरज झा ;---मुजफ्फरपुर मैं सैकड़ो बच्चों को मौत की नीद सुलाने वाली चमकी बीमारी कटिहार में भी दस्तक दे दी है । कटिहार जिले मे पहली बार तीन साल के मासूम बच्ची मे इंसेफ्लाइटिस के जबरजस्त लक्षण पाये गये है अस्पताल के  डॉक्टर ने कहा पूरे कटिहार में है ये पहला केस और पीड़ित बच्ची में है JAPANESE ENCEPHALITIS (चमकी बुखार) का लक्षण पाये गये है  ।
प्रतीकात्मक चित्र


तीन साल की बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टर ने कहा कटिहार के कुर्सेला PHC में जाँच की व्यवस्था नही होने से बच्ची को हायर सेंटर कटिहार मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है और अपने अपने हाथ खड़े कर दिये है कुर्सेला PHC के पदस्थापित डॉ मुकेश कुमार ने कहा मेरे पास लगभग 11 : 30 में सोनम कुमारी को ले कर आया गया था फीवर था नापा गया उस समय 102.6 डिग्री था जिसके कारण बच्चे में सीज़र्स (चमकी) आए फिर इसमें अल्पटेशन किया गया जिसमे पल्प्टेशन उसका जबरजस्त पाया ऑक्सीजन दिया गया है \बच्चे का कंडीशन नॉर्मल नही है हाथ मे इंट्रावेल्स एंटीबायोटिक दिया गया है और पैरासिटामोल दिया गया है और स्पोउनजिंग लगातार किया जा रहा है बच्चे को फरदर टिटमेंट के लिए केएमसीएच भेजा जा रहा है मेबी JAPANESE ENCEPHALITIS(चमकी बुखार)का केस हो सकता है सीजर उसको रह रहकर आ रहा है सबसे पहला लक्षण सीज़र्स है चमकी इसी को चमकी कहते है बच्चा हर दो मिनट के बाद चमक रहा है ऑक्सीजन दिया गया है जिससे बच्चा अस्टेबल है चमकी वाला बीमारी कहा जा सकता है बच्चे में पांच छह दिन से फीवर है गार्जियन की देखरेख में कमी थी चमकी वाला पहला केस आया है ये सिर्फ मुजफ्फरपुर में देखा गया था कटिहार के लिए यह पहला केस है सदर में भी ऐसा केस नही आया है रेफर किया है बच्चे का फरदर जांच होगा जांच की व्यवस्था यहां है नही इसलिए इन्हें मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जा रहा है वही बच्ची के परिजन राकेश ने बताया कि इसको बुखार था पांच छह दिन से है इसको बुखार फर्स्ट टाइम में आया शरीर मे दर्द था दवाई चलाया गया बुखार पर सोती थी ऐसी नीद आती थी जैसा नशा में हो कुछ खिलाते थे तो खा नही पाती थी मेडिसिन में कोई पैरासिटामोल था एंटीबायोटिक था दो बार उल्टी हुई थी उसका भी मेडिसिन था आज सुबह से अचानक तबियत ज्यादा बिगड़ गयी स्वस्थकेन्द्र आये पूरा शरीर चमक रही है शरीर ऐंठ रही है।
मासूम बच्ची जीवन और मौत से जूझ रही जिला के कोढ़ा प्रखंड के गेड़ाबाड़ी बस्ती की बतायी जाती  बच्ची कुर्सेला प्रखंड में अपने ननिहाल कटरिया गाँव आई हुई थी 5-6 दिनों से बच्ची बीमार थी गाँव के डॉक्टर के द्वारा इलाज चल रहा था जब बच्ची की हालत चिंताजनक और नाजुक होने लगा तो परिजन आनन फानन में बुखार से तप रही बच्ची सोनम को लेकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र कुर्सेला लाया हाफपैंट और गंजी में डॉक्टर ने पीड़ित बच्ची का इलाज शुरू कर दिया बच्ची को आक्सीजन की जरूरत थी आक्सीजन लगा दिया गया लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र PHC में बीमार बच्ची का इलाज संभव नही था  डॉक्टर इससे ज्यादा इलाज PHC में नहीं होने की खातिर अपना हाथ ऊपर उठा दिया और बगैर समय बिताये बच्ची की जान बचाने और बेहतर इलाज के लिए ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने पीड़ित बच्ची को कटिहार मेडिकल कालेज(KMCH) रेफर कर दिया अब देखना है कि सूबे की सरकार और कटिहार के डॉक्टर मुजफरपुर की घटना से सबक लेते हुए कटिहार की पीड़ित बच्ची की जान बचा पाती है या नहीं
डर है कहीं इलाज के बगैर कटिहार भी मुजफरपुर न बन जाये और सरकार और विपक्षी के चुप्पी के बीच और मासूमों की जान न चली जाय..

©www.katiharmirror.com

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