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कटिहार सदर अस्पताल की खुली पोल पोस्टमार्ट कर्मी के इंतजार में घण्टो पड़ा रहा शव..

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कटिहार/नीरज झा ;-- यह है कटिहार का सदर अस्पताल जिसे ISO मार्क मिला हुआ है लेकिन जाँच करने आए अधिकारी के सामने ही परेशान हो कर परिजनों ने मिर्तक की लाश रख कर अस्पताल के सामने परिजनो ने हंगामा करने लगे मिर्तक के पुत्र नीरज ने कहा बाबू जी हमारे एक्सीडेंट कर गए थे हॉस्पिटल ले गए वहां से 7 बजे यहाँ लाया है अभीतक कोई पूछताछ नही है और नहीं घर ले जाने दे रहा है और नहीं पोस्टमार्टम हो रहा है साहब निरीक्षण करने आया था बोला आ रहा है अभी आ रहा है नहीं है कोई व्यवस्था यहां पर कल शाम के 7 बजे से हैं अभी देख लीजिए कई घंटा हो गया सब फोकस कर रहा है सब 5 मिनट 10 मिनट कर रहा है हम समेली से आये हैं ।




जाँच अधिकारी एडिशनल कलेक्टर कमलेश कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण में पाया कि यहां के हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम की स्थिति बहुत खराब है कल 7 बजे से मृतक का शव पड़ा हुआ था और उनका अभीतक पोस्टमार्टम नहीं हुआ था हमने सिविल सर्जन से कहा है कि उसपर आवश्यक कार्रवाई करें ।




वही डॉ बीके गोपालिका ने कहा कि रात में तो पोस्टमार्टम होता नहीं है सबेरे में जब डॉक्टर सब अपने ड्यूटी में थे 8 बजे इंक्वेस्ट फार्म नहीं लिया गया था जबतक इंक्वेस्ट फार्म नहीं लिया जाएगा उसी पर लिखना पड़ता है कि कौन डॉक्टर करेंगे पोस्टमार्टम और दूसरा जब इंक्वेस्ट फार्म आया तो करने वाले जो हमारे चंदन कुमार (पोस्टमार्टम कर्मी) जो हैं वो फरार हैं उनको खोजा जा रहा है इसी के कारण कुछ लेट हो गया वह हमारे यहां का रेगुरल स्टाफ नहीं है हमसब को प्रॉब्लम होता  है वो पीकर डाउन रहता है हमलोग उसपर कोई एक्शन नहीं ले सकते शराब पीता ही है उसके लिए प्रशासन कुछ नहीं कर सकता पुलिस विभाग ही हाथ खड़ा रखती है तो फिर आप हम क्या है








यह हाल है कटिहार का उस सदर अस्पताल जहाँ सरकार के साथ साथ स्वस्थ विभाग दावा करती सब कुछ सही चल रहा है वही पोस्टमार्टम करने के लिए कर्मी के इंतजार में अस्पताल के प्रांगम में 15 घंटे से पड़ा रहता है शव और परिजन हॉस्पिटल प्रशासन-सिविल सर्जन और डॉक्टर से हाथ जोड़ कर विनती कर रहे हैं गिरगिरा रहे हैं रो रहे हैं कि किसी तरह से मेरे पिता का पोस्टमार्टम कर दो लोग तमाशबीन बने थे लेकिन 15 घंटा बीत जाने के बाद भी कटिहार सदर अस्पताल के प्रशासन का कुंभकरण वाली नींद न खुली अंत में जब परिजन थक हार कर बुजुर्ग के शव को रख कर हंगामा करने लगे तो जिला प्रशासन की टीम ने मामले को सत्य पाया और सदर अस्पताल के सिविल सर्जन को पोस्टमार्टम अविलंब करवाने का आदेश दिया और दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम का असली चेहरा तब उजागर हुआ जब अस्पताल के NCDO(गैर संचारी रोग) डॉक्टर बी के गोपालका ने खुद ही अस्पताल में पोस्टमार्टम की दुर्दशा की कहानी बयां कर डाला कि किस तरह से एक शराबी पोस्टमार्टम कर्मी के भरोसे चलता है पोस्टमार्टम का धंधा शराबी चंदन के बगैर नहीं हो सकता

©www.katiharmirror.com

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