शेयर करे

आज से शुरू हुआ चैत्र नवरात्र, मां के नौ रूपो की होगी विशेष पूजा अर्चना

कोई टिप्पणी नहीं
कटिहार/नीरज झा :--- आज से माता के नौ रूपो की उपासना का महापर्व चैती नवरात्र आज से शुरू हो गया । कलश स्थापना के साथ नवरात्र प्रारंभ हो गया अनुष्ठान और साधना के लिए चैत्र नवरात्रि श्रेष्ठ माना जाता है। वसंत ऋतु में शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की पूजा की जाती हैं इसी कारण इसे वासंतीय नवरात्र भी कहा जाता है।




चैत शब्द से चंद्रमा तिथि का बोध होता है सूर्य के मीन राशि मे जाने से चैत मास में शुक्ल सप्तमी से दशमी तक शक्ति आराधना का विधान है यह काल किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के लिए सर्वोत्तम माना गया है और इन दिनों की जाने वाली साधना निश्चित ही फलीभूत होती है । 14 अप्रैल को नवमी तिथि होगी इन नौ दिनों में मां के नौ रूपो की पूजा श्रद्धालु पूरे धूमधाम से करेंगे।



कटिहार सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के पुजारी अजय कुमार मिश्र ने कहा कि इस बार पंच सर्वार्थ सिद्धि, दो रवि योग और रवि पुष्य योग का संयोग बन रहा है। चैत्र नवरात्र छह अप्रैल (शनिवार) से प्रारंभ है इसी दिन प्रतिपदा है इसी दिन से नौ दिन माता दुर्गा की पूजा-अर्चना करके माता को प्रसन्न किया जा सकता है।
शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन अभिजीत मुहूर्त में 6 बजकर 9 मिनट से लेकर 10 बजकर 19 मिनट के बीच कलश स्थापना करना बेहद शुभ होगा। इसमे पहले दिन शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी पूजा, तृतीय मां चंद्रघंटा पूजा, चतुर्थी मां कुष्मांडा पूजा, पंचमी को मां स्कंदमाता पूजा, षष्ठी को मां कात्यायनी पूजा, सप्तमी को मां कालरात्रि पूजा, अष्ठमी को मां महागौरी पूजा व नवमी को मां सिद्धिदात्री की विशेष पूजन का विधान हमारे शास्त्रों में बताया गया है जिसे माता अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर वांछित आशीर्वाद देती है। जिससे उन्हें मनोवांछित मनोकामना की प्राप्ति होती है।


नवरात्रि कलश स्थापना को लेकर कटिहार के सार्वजनिक दुर्गा मंदिर मे  माता रानी दर्शन के भक्तो का जन शैलाब उमड़ रहा जिसमे महिला श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक रहती  है इसके लिये मंदिरो को विशेष रूप से सजाया सबार गया है ।
 गया है यूं तो साल में दो बार नवरात्र आते हैं। लेकिन दोनों ही नवरात्र का महत्व और पूजा-विधि अलग है। इस बार भी यह कहा जा रहा है कि इस बार नवमी भी दो दिन मनेगी। इसमें भक्त नौ दिनों का उपवास भी रखते हैं।
नवरात्रि में घर में जौ की बुवाई करते हैं। ऐसी मान्यता है की जौ इस सृष्टि की पहली फसल थी। इसीलिए इसे हवन में भी चढ़ाया जाता है वसंत ऋतु में आने वाली पहली फसल भी जौ ही है जिसे देवी मां को चैत्र नवरात्रि के दौरान अर्पित करते हैं।

©www.katiharmirror.com

कोई टिप्पणी नहीं

शेयर करे

Popular Posts

Featured Post

लॉकडाउन में दिखी अनियमितता

कटिहार/नीरज झा:--कटिहार मे डायन बनी कोरोना को लेकर पूरी तरह लॉक डाउन लागू है । कटिहार प्रसासन लगातार लोगो को अपने घरों मे रहने की अपील भी क...

Blog Archive